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डलहौजी में आबादी के बीच पहुंचा भालू, कनस्तर में फंसा सिर; वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी

बस अड्डे के पास कनस्तर सिर में फंसा भालू दिखाई दिया
वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील, रेस्क्यू जारी


डलहौजी (चंबा)। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पर्यटन नगरी डलहौजी में शनिवार सुबह उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई, जब बस अड्डे के समीप आबादी वाले क्षेत्र में एक जंगली भालू दिखाई दिया। भालू के सिर में कनस्तर फंसा हुआ था, जिसके कारण वह परेशान होकर इधर-उधर घूमता नजर आया। भालू को इस हालत में देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों में चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और रेस्क्यू कर्मचारी मौके पर पहुंचे और भालू को सुरक्षित तरीके से मुक्त कराने के प्रयास शुरू किए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार सुबह बस अड्डे के आसपास लोगों की आवाजाही के बीच अचानक भालू दिखाई दिया। उसके सिर में कनस्तर फंसा होने के कारण वह ठीक से देख नहीं पा रहा था। भालू लगातार इधर-उधर घूमता रहा, जिससे उसके चोटिल होने की आशंका भी बनी हुई थी। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना शुरू किया।

लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश

भालू की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी और रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। टीम ने आसपास मौजूद लोगों को भालू से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। वन विभाग की प्राथमिकता भालू को बिना नुकसान पहुंचाए उसके सिर में फंसे कनस्तर को हटाना और उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजना है।

रेस्क्यू टीम भालू की गतिविधियों पर नजर रखते हुए सावधानी से कार्रवाई में जुटी हुई है। सिर में कनस्तर फंसा होने के कारण भालू के लिए स्थिति असहज बनी हुई है। ऐसी परिस्थिति में जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय वन विभाग की टीम सावधानीपूर्वक रेस्क्यू प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

कनस्तर कैसे फंसा, फिलहाल स्पष्ट नहीं

भालू के सिर में कनस्तर कैसे फंसा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह भी सामने नहीं आया है कि भालू कितनी देर से इस हालत में था। वन विभाग की टीम का ध्यान फिलहाल उसके सुरक्षित रेस्क्यू पर है। टीम यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि कनस्तर हटाते समय भालू को किसी तरह की चोट न पहुंचे और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।

घटना के कारण बस अड्डे और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही के बीच सतर्कता बढ़ गई। वन विभाग की टीम ने लोगों से मौके पर भीड़ न लगाने और भालू के करीब जाने से बचने की अपील की, ताकि रेस्क्यू अभियान में किसी तरह की परेशानी न आए और इंसानों तथा वन्यजीव दोनों की सुरक्षा बनी रहे।

डलहौजी जैसे पर्यटन क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी पहले भी देखने को मिलती रही है। आबादी के नजदीक भालू के पहुंचने की ऐसी घटनाओं में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल वन विभाग की टीम भालू को सुरक्षित मुक्त कराने के अभियान में जुटी हुई है और रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।